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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

MPPCHS से जुड़े हर सवाल का जवाब यहाँ मिलेगा।

📋 सभी (82)🧾 योजना की मूल बातें (7)👨‍👩‍👧‍👦 पात्रता और परिवार की परिभाषा (11)💰 कवरेज विकल्प और प्रीमियम (8)🏥 अस्पताल श्रेणियां और को-पेमेंट (4)🛏️ कमरे की पात्रता (4) क्या कवर है और क्या नहीं (18)🌟 विशेष परिस्थितियां (7)📋 क्लेम, बिलिंग और प्रक्रिया (16)🌐 वर्तमान स्थिति एवं अतिरिक्त जानकारी (7)

कुल 7 सवाल मिले

अगर पति-पत्नी दोनों पॉवर कंपनी के नियमित कर्मी/पेंशनर हों, तो विकल्प कैसे चुनें?

ऐसी स्थिति में तीन तरीके अपनाए जा सकते हैं:

  1. दोनों में से कोई एक व्यक्ति, कोई एक विकल्प चुने (दूसरा व्यक्ति उसी में शामिल रहे)
  2. दोनों अपने-अपने लिए एक ही विकल्प चुनें
  3. दोनों अपने-अपने लिए अलग-अलग विकल्प चुनें

संबंधित कर्मियों के वेतन/पेंशन से चुने गए विकल्प अनुसार अंशदान की कटौती होगी।

📌 उदाहरण: यदि पति ने विकल्प-1 (₹5 लाख) और पत्नी ने विकल्प-2 (₹10 लाख) चुना है, तो दोनों परिवारों के कॉमन सदस्यों को अधिकतम ₹15 लाख प्रतिवर्ष का संयुक्त स्वास्थ्य रिस्क कवर मिलेगा (दोनों विकल्पों का योग)।

🌟 विशेष परिस्थितियां
योजना में देरी से शामिल होने पर (Late Entry) क्या नियम है?

सामान्यतः योजना के वार्षिक कालखण्ड के बीच में किसी भी माह में शामिल होने की अनुमति नहीं है। हितग्राही केवल वार्षिक कालखण्ड शुरू होने से एक माह पूर्व ही योजना में शामिल हो सकते हैं, बाहर आ सकते हैं, या विकल्प बदल सकते हैं।

📌 उदाहरण: यदि योजना 1 सितंबर 2024 से शुरू होती है, तो पहले कालखण्ड की समाप्ति 31 अगस्त 2025 को होगी। नए हितग्राही को शामिल होने/बाहर आने/विकल्प बदलने हेतु 31 जुलाई 2025 तक नोडल अधिकारी को अनुरोध पत्र देना होगा, ताकि अगस्त के वेतन/पेंशन से कटौती व्यवस्था की जा सके।

🌟 विशेष परिस्थितियां
क्या हर वर्ष दोबारा फॉर्म भरना/स्वीकृति देनी पड़ेगी?

नहीं। यदि हितग्राही ने अगले वार्षिक कालखण्ड शुरू होने से एक माह पूर्व योजना से बाहर जाने का अनुरोध नहीं किया, तो कवरेज स्वतः नवीनीकृत (Auto Renewal) हो जाएगा और चयनित विकल्प के अनुसार अंशदान कटौती जारी रहेगी — दोबारा स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

🌟 विशेष परिस्थितियां
नो क्लेम बोनस (No Claim Bonus / NCB) कैसे काम करता है?

यदि किसी वार्षिक कालखण्ड में हितग्राही के परिवार के किसी भी सदस्य का कोई भी इलाज/जांच खर्च (निवारक स्वास्थ्य जांच खर्च सहित) योजना के तहत नहीं हुआ, तो अगले वर्ष उस परिवार का स्वास्थ्य रिस्क कवरेज, मूल कवर के 5% प्रतिवर्ष की दर से, अधिकतम 50% तक बढ़ सकता है।

🌟 विशेष परिस्थितियां
अगर किसी हितग्राही का अचानक निधन हो जाए तो परिवार का क्या होगा?

शेष सदस्यों के लिए, शेष अवधि के लिए स्वास्थ्य रिस्क कवर बना रहेगा, जब तक निर्धारित मासिक अंशदान प्राप्त होता रहे। यदि परिवार में कोई सदस्य शेष न हो, तो कवर वहीं समाप्त हो जाएगा और बकाया अवधि के लिए कोई अंशदान नहीं लिया जाएगा।

🌟 विशेष परिस्थितियां
विभागीय कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर क्या विशेष सुविधा है?

विद्युत कर्मियों के लिए विभागीय कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर, नियंत्रक अधिकारी की अनुशंसा से नेटवर्क अस्पतालों में इलाज/जांच की सुविधा खर्च की बिना ऊपरी सीमा के, कैशलेस मिलेगी। यह खर्च हितग्राही के चयनित विकल्प के स्वास्थ्य रिस्क कवर से समायोजित नहीं होगा — यानी अलग से, इलाज का संपूर्ण व्यय कंपनी वहन करेगी

इसके अतिरिक्त:

  • पारिवारिक सहायक को वास्तविक खर्च की सीमा में यात्रा भत्ता मिलेगा
  • विभागीय सहायक को उनके पद के अनुरूप, नियमानुसार यात्रा भत्ता कंपनी देगी
🌟 विशेष परिस्थितियां
क्या मेरे पास पहले से कोई निजी हेल्थ इंश्योरेंस है, तो मैं दोनों से क्लेम कर सकता हूं?

✅ हां, लेकिन एक निश्चित प्रक्रिया के साथ:

  1. सबसे पहले कार्यरत पॉवर कंपनी को इसकी पूर्व सूचना देनी होगी
  2. पहले अपनी निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनी से कैशलेस क्लेम करना होगा
  3. यदि इलाज/जांच का कुछ खर्च स्वयं वहन करना पड़े, तो उस राशि की प्रतिपूर्ति हेतु दावा ISA के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों (मूल दस्तावेज न होने पर अस्पताल से प्रमाणित डुप्लीकेट कॉपी, डिस्चार्ज समरी, बीमा कंपनी को दिए गए क्लेम व प्राप्त राशि का पूर्ण विवरण) सहित किया जा सकता है
  4. ISA पहले योजना के प्रावधान अनुसार देय (Payable) राशि का आंकलन करेगी — यदि दावे की राशि देय राशि से कम है तो दावे की राशि, अन्यथा देय राशि का भुगतान होगा
  5. शर्त: बीमा कंपनी से प्राप्त राशि + MPPCHS से क्लेम राशि का योग, इलाज में हुए कुल वास्तविक खर्च से अधिक नहीं होना चाहिए (डबल बेनिफिट नहीं मिलेगा)

📌 उदाहरण: किसी हितग्राही ने विकल्प-1 चुना है और उसने अलग से ₹5 लाख का निजी स्वास्थ्य बीमा भी लिया है — दोनों जगह से मिलाकर कुल प्रतिपूर्ति, वास्तविक इलाज खर्च से ज्यादा नहीं होगी।

🌟 विशेष परिस्थितियां