❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
MPPCHS से जुड़े हर सवाल का जवाब यहाँ मिलेगा।
कुल 8 सवाल मिले
योजना में कुल कितने विकल्प (Options) हैं?
| क्रमांक | विवरण | स्वास्थ्य कवरेज (प्रति वर्ष) | मासिक अंशदान | वार्षिक अंशदान |
|---|---|---|---|---|
| 1️⃣ | विकल्प 1 | ₹5 लाख | ₹500/- | ₹6,000/- |
| 2️⃣ | विकल्प 2 | ₹10 लाख | ₹1,000/- | ₹12,000/- |
| 3️⃣ | विकल्प 3 | ₹25 लाख | ₹2,000/- | ₹24,000/- |
अंशदान कटने के बाद कवरेज कब से शुरू होता है?
अंशदान की कटौती जिस माह में होगी, उसके अगले माह के पहले दिन से स्वास्थ्य रिस्क कवर शुरू होगा।
📌 उदाहरण: यदि अगस्त के वेतन से कटौती हुई, तो कवरेज 1 सितंबर से शुरू होगा।
NPS पेंशनर्स को अंशदान कैसे देना होगा?
NPS (नई पेंशन योजना) पेंशनर्स को योजना के वार्षिक कालखण्ड शुरू होने के दिनांक से कम से कम 15 दिन पूर्व, वार्षिक अंशदान (₹6,000/₹12,000/₹24,000, विकल्प अनुसार) एकमुश्त जमा करना होगा।
क्या मैं अपना चुना हुआ विकल्प बीच वर्ष में बदल सकता हूं?
❌ नहीं। एक बार विकल्प चयन के बाद उस वार्षिक कालखण्ड के दौरान विकल्प में बदलाव की अनुमति नहीं है। हितग्राही अगले वार्षिक कालखण्ड से (एक माह पूर्व सूचना देकर) विकल्प बदल सकता है।
अगर मुझे कवरेज कम करना हो (जैसे विकल्प 3 से विकल्प 1), तो क्या नियम है?
कवरेज कम करना हो तो यह आगामी वर्ष से किया जा सकेगा और अंशदान भी उसी अनुरूप कम हो जाएगा।
अगर मुझे कवरेज बढ़ाना हो (जैसे विकल्प 1 से विकल्प 3), तो क्या नियम है?
कवरेज बढ़ाने पर, जब से अंशदान प्रारंभ हुआ है/हितग्राही की सेवा प्रारंभ हुई है (जो भी बाद में हो) — तब से अब तक के अंशदान के अंतर की राशि जमा करानी होगी। इसके पश्चात बढ़े हुए कवरेज का लाभ हितग्राही को एक वर्ष बाद से प्राप्त हो सकेगा।
फैमिली फ्लोटर का क्या अर्थ है? उदाहरण सहित समझाइए।
फैमिली फ्लोटर का मतलब है कि चुना गया कुल स्वास्थ्य रिस्क कवर (₹5/10/25 लाख) पूरे परिवार के सभी सदस्यों के लिए संयुक्त रूप से एक वर्ष की अवधि के लिए होता है — प्रति व्यक्ति अलग-अलग सीमा नहीं होती।
📌 उदाहरण: मान लीजिए किसी हितग्राही ने विकल्प-2 (₹10 लाख कवर) चुना है और उसके परिवार में 3 योग्य सदस्य हैं।
- पहले सदस्य ने ₹3 लाख का इलाज कराया
- दूसरे सदस्य को ₹8 लाख के इलाज की आवश्यकता हुई
- योजना के तहत उसे शेष रिस्क कवर ₹7 लाख तक कैशलेस दिया जाएगा
- शेष ₹1 लाख हितग्राही को स्वयं वहन करना होगा — परंतु यदि वह नियमित/संविदा विद्युत कर्मी है (पेंशनर नहीं), तो इस ₹1 लाख की प्रतिपूर्ति ISA के माध्यम से क्लेम कर सकता है
- अगले वर्ष योजना में बने रहने पर पुनः पूरे ₹10 लाख का कवर पूरे परिवार को संयुक्त रूप से मिलेगा (कवर रिन्यू होकर रीसेट होता है)
क्या रिस्क कवर से अधिक खर्च होने पर सब कुछ हितग्राही को ही भरना होगा?
रिस्क कवर सीमा से अधिक खर्च होने पर उसकी प्रतिपूर्ति CGHS दरों पर होने की सुविधा उपलब्ध रहेगी — लेकिन यह सुविधा केवल नियमित/संविदा विद्युत कर्मियों के लिए है; पेंशनर्स को सीमा से ऊपर का खर्च स्वयं वहन करना होगा।