❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
MPPCHS से जुड़े हर सवाल का जवाब यहाँ मिलेगा।
कुल 11 सवाल मिले
इस योजना के हितग्राही (Beneficiary) कौन हैं?
निम्न सभी इस योजना के हितग्राही हैं:
- मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड
- तीनों डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां
- मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड
- मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड
इनके नियमित विद्युत कर्मी (नियमित अधिकारी, नियमित/कार्यभारित कर्मचारी, चिकित्सा सुविधा हेतु योग्य अन्य विद्युत कर्मी), संविदा कर्मी, स्थाई कर्मी, तथा पुरानी/नई पेंशन योजना के पेंशनर्स (फैमिली पेंशनर्स सहित) और उन पर आश्रित परिवार के योग्य सदस्य — सभी हितग्राही माने जाएंगे।
पति-पत्नी की परिभाषा में क्या शामिल है?
कर्मचारी का पति अथवा पत्नी — इनके लिए आश्रित होने की शर्त लागू नहीं है, यानी पति/पत्नी की खुद की आय हो तब भी वे स्वतः परिवार में शामिल माने जाएंगे।
माता-पिता किन शर्तों पर आश्रित माने जाएंगे?
निम्न शर्तें पूरी होने पर:
- कर्मचारी के साथ रहते हों
- कर्मचारी पर पूर्ण रूप से आश्रित हों
- आयकरदाता (ITR filer) न हों
- कोई अन्य संतान उनकी सेवा/चिकित्सा सुविधा न कर रही हो
- स्व-हस्ताक्षरित एवं नियंत्रक अधिकारी से प्रति-हस्ताक्षरित घोषणा पत्र देना होगा
[!NOTE] विवाहित महिला कर्मचारी के मामले में सास-ससुर भी आश्रित के मापदंड में शामिल किए जा सकते हैं, बशर्ते वे आयकरदाता न हों।
मेरे आश्रित माता-पिता ने ITR फाइल किया है — क्या वे कवर होंगे?
दस्तावेज़ के अनुसार नहीं। आयकरदाता (ITR filer) होने पर माता-पिता आश्रित की श्रेणी में नहीं आते, चाहे वे कर्मचारी के साथ रहते हों और आर्थिक रूप से निर्भर भी हों।
संतान (पुत्र) कब तक आश्रित माना जाएगा?
पुत्र 25 वर्ष की आयु तक, या विवाह होने तक — जो भी पहले हो, आश्रित माना जाएगा। लेकिन यदि पुत्र शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग है और पूर्णतः कर्मचारी पर आश्रित है, तो उस पर आयु सीमा लागू नहीं होगी, यानी वह आजीवन कवर हो सकता है।
पुत्रियों/संतानों की संख्या को लेकर क्या सीमा है?
कर्मचारी के साथ रहने वाले, पूर्ण रूप से आश्रित माता-पिता और प्रथम दो जीवित संतान आश्रित मानी जाएंगी। यदि दूसरी प्रसूति में जुड़वा बच्चे हों तो तीसरी संतान भी शामिल की जा सकती है, या विधिक रूप से गोद ली गई संतान भी — परंतु कुल आश्रित संतानों की संख्या तीन से अधिक नहीं हो सकती।
अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी/निजी सेवा में हैं और दोनों को अन्य जगह से चिकित्सा सुविधा मिलती है, तो क्या होगा?
यदि पति या पत्नी को केंद्र शासन/शासकीय उपक्रम/अर्द्धशासकीय/निजी क्षेत्र या अपने नियोक्ता से पहले से निश्चित चिकित्सा भत्ता/सुविधा मिल रही है, तो वे पॉवर कंपनी द्वारा प्रदत्त चिकित्सा सुविधा हेतु पात्र नहीं माने जाएंगे (जब तक कि दोनों पति-पत्नी स्वयं पॉवर कंपनी में कार्यरत न हों)।
नवजात शिशु कब से कवर होगा?
परिवार की परिभाषा अनुसार आश्रित नवजात शिशु जन्म से ही इस योजना में शामिल माना जाएगा और आवश्यकतानुसार उसे चिकित्सा सुविधा का लाभ तुरंत मिलेगा। हालांकि, हितग्राही को हेल्थकार्ड जारी कराने हेतु 15 कार्यदिवसों के अंदर इसकी सूचना संबंधित नोडल अधिकारी को देनी अनिवार्य है।
अगर योजना में शामिल कोई अविवाहित सदस्य शादी कर ले, तो जीवनसाथी कब से कवर होगा?
विवाह के शादी के दिन से ही जीवनसाथी (पति/पत्नी) योजना में शामिल माना जाएगा और आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेगा। इसकी सूचना भी 15 कार्यदिवसों के भीतर नोडल अधिकारी को देकर हेल्थकार्ड बनवाना आवश्यक है।
क्या तलाकशुदा या विधवा पुत्री आश्रित मानी जाएगी?
उपलब्ध दस्तावेज़ में पुत्र की परिभाषा स्पष्ट दी गई है (25 वर्ष/विवाह तक, विकलांगता की स्थिति में आजीवन), परंतु पुत्री/तलाकशुदा-विधवा बेटी संबंधी विस्तृत प्रावधान पूर्ण परिशिष्ट-5 में हो सकते हैं जो इस उपलब्ध अंश में स्पष्ट नहीं है।
[!WARNING] ऐसी स्थिति में कृपया अपने नोडल अधिकारी से पूर्ण परिशिष्ट-5 प्राप्त कर पुष्टि करें।