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MPPGCL (जेनको) कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए MPPCHS विशेष गाइड

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MPPCHS गाइड टीम
📅 11 जुलाई 20265 मिनट👁 61 views
MPPGCL (जेनको) कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए MPPCHS विशेष गाइड

मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL), जिसे आम बोलचाल में 'जेनको' कहा जाता है, राज्य की मुख्य बिजली उत्पादन कंपनी है। जेनको के पावर प्लांट्स (जैसे सारनी, चचाई, बिरसिंहपुर, श्री सिंगाजी आदि) अक्सर मुख्य शहरों से दूर रिमोट लोकेशन पर होते हैं।

ऐसी लोकेशन पर काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए मेडिकल इमरजेंसी के समय अच्छे अस्पताल तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती होती है। यही कारण है कि MPPCHS (मध्य प्रदेश पावर कंपनी कैशलेस स्वास्थ्य योजना) MPPGCL कर्मचारियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।

इस विशेष गाइड में हम बात करेंगे कि जेनको (MPPGCL) के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए इस योजना के नियम क्या हैं, और वे इसका सबसे अच्छा फायदा कैसे उठा सकते हैं।


विषय सूची (Table of Contents)

  1. MPPGCL कर्मचारियों के लिए MPPCHS क्यों ज़रूरी है?
  2. प्लांट हॉस्पिटल (Plant Dispensary) से रेफरल के नियम
  3. MPPGCL पेंशनरों के लिए ख़ास प्रावधान
  4. प्रीमियम कटौती और सैलरी स्लिप (Payslip)
  5. जेनको कर्मचारियों के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. MPPGCL कर्मचारियों के लिए MPPCHS क्यों ज़रूरी है?

थर्मल या हाइडल पावर प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों को कई तरह के स्वास्थ्य जोखिमों (Health Hazards) का सामना करना पड़ता है।

  • रिमोट लोकेशन: पावर प्लांट्स मुख्य शहर से दूर होते हैं। गंभीर बीमारी या एक्सीडेंट के मामले में मरीज़ को नागपुर, भोपाल या जबलपुर रेफर करना पड़ता है, जहाँ प्राइवेट अस्पतालों का खर्च लाखों में आता है।
  • कैशलेस सुविधा का फायदा: पहले कर्मचारियों को इलाज का पैसा खुद देना पड़ता था, फिर कंपनी में बिल लगाकर महीनों क्लेम पास होने का इंतज़ार करना पड़ता था। अब MPPCHS के तहत, वे सीधा नेटवर्क अस्पताल में भर्ती होकर ₹5 लाख से ₹25 लाख तक का मुफ्त (Cashless) इलाज करवा सकते हैं।

2. प्लांट हॉस्पिटल (Plant Dispensary) से रेफरल के नियम

जेनको की लगभग हर टाउनशिप में कंपनी का खुद का एक डिस्पेंसरी या अस्पताल (Plant Hospital) होता है।

क्या सीधे बड़े अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं?

  • अगर बीमारी सामान्य है (जैसे सर्दी, बुखार, छोटी चोट), तो आपको पहले अपने प्लांट अस्पताल में ही जाना चाहिए। (क्योंकि OPD का खर्चा कैशलेस कार्ड में कवर नहीं होता है)।
  • अगर प्लांट के सीएमओ (CMO) को लगता है कि आपको बड़े अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत है, तो वे आपको भोपाल/नागपुर/जबलपुर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर (Refer) कर देंगे।
  • इमरजेंसी की स्थिति में: अगर मामला हार्ट अटैक या गंभीर दुर्घटना का है, तो रेफरल का इंतज़ार किए बिना आप सीधे किसी भी बड़े 'नेटवर्क अस्पताल' के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हो सकते हैं। (बस 24 घंटे में टोल-फ्री नंबर पर सूचना देनी होगी)।

3. MPPGCL पेंशनरों के लिए ख़ास प्रावधान

जेनको से रिटायर हो चुके कर्मचारियों (पेंशनर्स) के लिए बुढ़ापे में यह योजना एक बड़ा सहारा है।

  • कंट्रीब्यूशन (Premium): रिटायर्ड कर्मचारियों को हर महीने सैलरी नहीं मिलती, इसलिए उन्हें प्रीमियम का भुगतान सालाना (₹6000 प्रति वर्ष) के हिसाब से अपनी पेंशन से कटवाना होता है, या एकमुश्त जमा करना होता है।
  • आयु सीमा (No Age Limit): प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियां 65+ उम्र के लोगों को पॉलिसी देने में नखरे करती हैं या बहुत ज़्यादा प्रीमियम मांगती हैं, लेकिन MPPCHS में पेंशनर्स के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है
  • पति/पत्नी का कवर: पेंशनर की मृत्यु के बाद भी, उनकी पत्नी (या पति) को फैमिली पेंशन मिलने पर यह मेडिकल कवर पहले की तरह चालू रहता है।

4. प्रीमियम कटौती और सैलरी स्लिप (Payslip)

जेनको के रेगुलर कर्मचारियों का प्रीमियम सीधे उनके सैलरी अकाउंट से काटा जाता है:

  • प्लान विकल्प: आप ₹500, ₹1000 या ₹2000 प्रति माह में से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। (बड़े परिवार के लिए ₹2000 का 25 लाख वाला प्लान बेस्ट है)।
  • Payslip में एंट्री: महीने के अंत में जेनरेट होने वाली आपकी पे-स्लिप (Salary Slip) में "MPPCHS Deduction" के नाम से यह कटौती दिखाई देगी। यह एक तरह का सबूत है कि आपकी पॉलिसी एक्टिव है।
  • यदि आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते हैं, तो आपकी जानकारी आपके HR (स्थापना विभाग) के पास जाती है, और वे इसे अप्रूव करके ERP सिस्टम से आपकी कटौती शुरू कर देते हैं।

5. जेनको कर्मचारियों के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. मैं सारनी प्लांट में संविदा कर्मचारी हूँ, क्या मुझे योजना का लाभ मिलेगा?
उत्तर: हाँ, अगर आपका कॉन्ट्रैक्ट MPPGCL के साथ है और आपको योजना के अंतर्गत लाया गया है, तो आप भी अपनी सैलरी से प्रीमियम कटवाकर हेल्थ कार्ड बनवा सकते हैं।

Q2. अगर मैं छुट्टी पर अपने गाँव (UP/Bihar) गया हूँ और बीमार हो जाऊँ, तो क्या वहां इलाज कैशलेस होगा?
उत्तर: MPPCHS योजना पैन-इंडिया (Pan-India) काम करती है। अगर आपके गाँव या नज़दीकी शहर का अस्पताल ISA के नेटवर्क (Network Hospital List) में शामिल है, तो आपको वहां भी कैशलेस इलाज मिलेगा। यदि नहीं, तो आपको पहले पैसे भरने होंगे, फिर CGHS रेट पर रीइम्बर्समेंट (Claim) मिलेगा।

Q3. क्या मैं अपने माता-पिता को जोड़ सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, बशर्ते उनकी कुल मासिक आय (पेंशन आदि मिलाकर) ₹9000 से कम हो और वे पूरी तरह आप पर आश्रित हों। अधिक जानकारी के लिए पात्रता के नियम पढ़ें


नोट: सटीक नियमों की पुष्टि के लिए आधिकारिक पोर्टल (mppchs.mpez.co.in) या अपने HR विभाग से संपर्क करें।

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